अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि इस देश के सैनिकों ने काबुल में स्थित सीआईए की एक छावनी को नष्ट कर दिया। अमरीकी अधिकारियों के अनुसार सीआईए की यह छावनी काबुल हवाई अड्डे के निकट थी जिसे "ईगल बेस" के नाम से जाना जाता था।
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार सीआईए की बेस को बमबारी करके इसलिए ध्वस्त कर दिया गया क्योंकि अमरीकियों को यह डर था कि वहां पर मौजूद सीक्रेट डाक्यूमेंट्स और सैन्य उपकरण कहीं तालेबान के हाथ न लग जाएं।
अफ़ग़ानिस्तान में पिछले कई वर्षों से सीआईए की ईगल बेस का प्रयोग होता रहा है। हालांकि जिस क्षेत्र में यह बेस स्थित है वहां पर रहने वाले स्थानीय लोगों को सीआईए की इस बेस के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं है। इसको इस प्रकार से बनाया गया था कि आम इंसान की वहां तक पहुंच लगभग असंभव थी।
अफ़ग़ानिस्तान में सीआईए की ईगल बेस को बहुत ही सुनियोजित ढंग से बमबारी करके ध्वस्त किया गया। यहां पर इस बात का उल्लेख ज़रूरी है कि गुरूवार को काबुल हवाई अड्डे में होने वाले विस्फोटों का सीआईए की ध्वस्त की जाने वाली बेस से कोई संबन्ध नहीं था। हालांकि जिस समय इस बेस को ध्वस्त किया गया उस समय लोगों ने जिस भीषण विस्फोट की आवाज़ सुनी उससे उनको लगा कि शायद यह कोई नया आतंकवादी हमला है।
अमरीकी और उसके घटक देशों के नागरिकों को अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकालने की समयसीमा 31 अगस्त को समाप्त हो रही है। तालेबान पहले ही धमकी दे चुके हैं कि इस समयसीमा को बढ़ाया नहीं जा सकता इसलिए अमरीकियों को जो कुछ करना है वे इसी तारीख़ के अंदर करें। तालेबान के अनुसार अगर एसा नहीं होता है तो फिर इसके बहुत ही ख़तरनाक परिणाम अमरीकी सैनिकों को भुगतने होंगे।
ज्ञात रहे कि तालेबान ने 15 अगस्त 2021 को अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पर नियंत्रण कर लिया था और अब वहां के सारे कार्यालय और पुलिस विभाग सबही तालेबान के नियंत्रण में आ चुके हैं।